728 x 90
Advertisement

झुमराज बाबा : आस्था और विश्वास का केंद्र

झुमराज बाबा : आस्था और विश्वास का केंद्र

झुमराज स्थान हिन्दुओ के महत्वपूर्ण उपासना स्थलों में चर्चित और  अंतरास्ट्रीय महत्ता  को देखते हुए मुझे एक ख्याल आया कि क्यों न बाबा झुमराज की ख्याति को आप सभी तक पहुचाया जाये।

झुमराज स्थान जमुई(बिहार) जिले के सोनो प्रखंड के अंतिम पूर्वी छोर पर अवस्थित है । यह बटिया पहाड़ से सटे गुफा एवं बर्नर जलाशय के करीब है , बटिया आज भी झारखंड एवं बिहार की सड़कों को जोड़ता है । झुमराज स्थान घोर निर्जन जंगल,पहाड़ो की तराई और  गुफा की अलौकिक सौन्दर्यता के बीच मे अवस्थित है । पुराने जमाने से ही बैद्यनाथधाम कावर ले जाने की प्रथा हिंदु धर्म मे चली आ रही है ।
 

Advertisement


कथनानुसार तकरीबन सन 1800 जब संत झुमराज पांडेय प्रयागराज से जल उठा के बाबा बैधनाथ धाम में जल चढ़ाने को आ रहे थे तभी बटिया जंगल मे विश्राम करने दौरान हिंसक जानवर शेर के द्वारा संत झुमराज पांडेय पर हमला करने से बाबा झुमराज की मृत्यु हो गयी । जहाँ पे देहावसान हुआ था उसी गांव में ग्रामीणों (टिकैत)को बाबा झुमराज जी आकाशवाणी हुई की मेरी पिंडी बना के जन जन तक को बताए कि कोई भी मनोकामना पूर्ण होगी । तभी से गाँव वालों(टिकैत) ने बाबा झुमराज की पूजा अर्चना शुरू किया और सभी लोगो तक बात पहुचाया । आज भी यह मिट्टी की पिंडी है । लोग उसी पिंडी की पूजा करते है ।

यहाँ पढ़े : क्यों कहा जाता हैं महाकाल प्रभु को आशुतोष भगवान ?

झुमराज स्थान में फुलहस(मन्नत) की एक परंपरा है जो फुलधारी(टिकैत) के द्वारा किया जाता है , फुलहस के बाद जिसकी मनोकामना पूर्ण होती है वो हर्षोल्लास के साथ पूजा करते है। बाबा झुमराज खुद वैष्णव थे पर बाद में टिकैत को स्वप्न आया कि बकरो की बाली की जाए ताकि हमारे जंगल दुत भूत को भोजन मिल सके । इसी तरह बाली की परंपरा शुरू हुई ।

गिधौर के राजा रावणेश्वर थे लेकिन बटिया पर चकाई राजा का प्रभाव था , प्रभाव कम करने के लिए दोनो के बीच मे लड़ाई हुई और गिधौर राजा विजेता बने तब उन्होंने बाबा झुमराज स्थान में पूर्ण बाली यानी 14 बकरे का बाली दिए । तब से पूर्ण बाली और अर्ध बाली का चलन है ।

झुमराज स्थान पर लोगो का अटूट विश्वास, भरोसा और भक्ति है जो भी लोग मुराद लेके आते है तो झोली भर के जाते है । ऐसा होने से झुमराज स्थान सोनो प्रखंड ही को नही बल्कि पूरे जमुई जिले की पहचान है ।

बाबा की कृपा हमेशा बनी रहे ।
जय बाबा झुमराज

Latest from अनुकृति

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked with *

Cancel reply

0 Comments